Verse 1हो जय जय कार, जय जय कार करें
हो जय जय कार, जय जय कार करें
Verse 2वो है हमारा राजा
दुःख संकट से बचाता
हम पर अपनी करूणा करता
और करता उपकार (2)
क्यों ना उस पर तन मन वारें
दें अपना अधिकार हो जय...
Verse 3उस पर जिसका भरोसा,
वो तो कभी ना डरेंगा
चाहे बीमारी, चाहे गरीबी,
चाहे हो अकाल (2)
सब संकटसे सब कष्टों से,
हो जायेगा पार हो जय...
Verse 4स्वर्ग है उसका सिंहासन,
पृथ्वी बनी है आसन,
आकाश उसकी महिमा बताए,
हस्त कला को दिखाए (2)
सारी सृष्टि पृथ्वी उसकी रचना,
उस का ही प्रताप हो जय...