Verse 1कैसे मैं तेरी महिमा गाऊं
शब्द भी कम पड़ जाएं
लिखने बैठ तेरी बातें
कागज में ना समाएं (2)
Verse 2Chorus
आश्चर्य तेरे जग में इतने
कैसे मैं इनको बयान करू (2)
तेरी प्रशंसा करू (2) धन्यवाद कहूं (2)
Verse 3किससे करू मै तेरी तुलना,
कौन है तेरे समान
तफ़ान भी सुनकर तेरी माने
सागर भी हट जाएं (2)
Verse 4Bridge
मैं लायक नहीं,
अर्पण मेरे, कुबूल कर ले
अनुग्रह से मुझको सम्पूर्ण कर दे (2)
येशुआ (4)