Verse 1मै तेरे संग है मत डर
मै तेरा परमेश्वर हूँ, मत ताक, इधर उधर,
मै तुझे द्रिढ़ करुंगा, तेरी मदत करुँगा 2
अपने धर्मी हाथो से, तुझे संभाले रहुंगा 2
Verse 2देख तुझसे क्रोधीत जो है, लज्जित वे सब होगें,
बैरी अपने मुँह छिपाकर, जीवन को तरसेंगे,
मगन होगा तु मेरे कारण, उत्सव मनायेगें 2
हर समय तू मेरी स्तुति के गीत गायेगा । 2
Verse 3शत्रू जितने हिन के लिए, तेरे विरुध बनेंगे
सफल वे सब, कभी ना होंगे, ब्यर्थ सब ठहरेंगे
मुद्देही होकर, लोग तुझपर, निलश जितनी करेंगे 2
वे सभी तुझसे, हार जायेगे। 2
Verse 4महासागर को, बोलो किसने, अपने चुल्लु से मापा
आसमाँ के बोलो किसने, अपने हथिल से नापा
मेरी तुलना किस से करोगे, किसके समान समझोगे 2
कौन है मेरे समान, किसने किए ऐसे काम । 2
Verse 5किसने मुझको, समित दी, और किसने ध्यान सिखाया,
अपनी बुध्दी से, सारे सृष्टी का, बोलो किसने रचाया,
हर एक तारे का, नाम लेकर, जो बुलाता है 2
वो प्रतिदिन तेरा, बोझ उठाता है । 2