Zindagi meri badal gayi - Jindagi meri
Verse 1Zindgi meri badal gayi,
jab se masih ko paya hai
Khil gayi hai kaliya nayi
Yeshu bahar laya hai
Verse 2Jeevan hai kya, pal do pal ka
Kisne hai jaana, hoga kya kal ka
Ghadiya sunhari, fir na lautengi
Mukti aur jeevan ko laya hai;- Zinda…
Verse 3Marg mei hmare wo darshak rahega,
kadam dagmagaye, haath wo thamega
Bhatke huo ko rah dikhane
Is dharti pa wah aaya hai;- Zinda…
Verse 4Jeevan ki roti aur amrit jal ko
Kaisi bharpuri, se deta wo humko
Lahu bahakar paap hamare
Pyare prabhu ne uthaya hai;- Zinda…
Verse 1जिन्दगी मेरी बदल गई
जब से मसीह को पाया है
खिल गई है कलियां नई
यीशु बहार लाया है
Verse 2जीवन है क्या, पल ही दो पल का
किसने है जाना, होगा क्या कल का
घड़ियां सुनहरी, फिर न लौटेंगी … (2)
मुक्ति और जीवन वो लाया है,
जिन्दगी मेरी…
Verse 3मार्ग में हमारे, वो दर्शक रहेगा,
कदम डगमगाये, तो हाथ वो थामेगा
भटके हुओं को, राह दिखाने … (2)
इस धरती पर वो आया है
जिन्दगी मेरी…
Verse 4जीवन की रोटी और अमृत जल को,
कैसी भरपूरी से, देता वो हमको
लहूँ बहकर पाप हमारा … (2)
यीशु ने मिटाया है
जिन्दगी मेरी…